महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से मतदाता नए चेहरे की मांग कर रहे हैं। नया चेहरा ही लगा सकती है भाजपा की नैया पार,विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी बदल सकता है चेहरा ,भाजपा से जुड़े साहू समाज के पदाधिकारी हो रहे हैं लामबंद - state-news.in
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महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से मतदाता नए चेहरे की मांग कर रहे हैं। नया चेहरा ही लगा सकती है भाजपा की नैया पार,विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी बदल सकता है चेहरा ,भाजपा से जुड़े साहू समाज के पदाधिकारी हो रहे हैं लामबंद

 


विधानसभा चुनाव के बाद अब अप्रैल मई में होने वाले लोकसभा चुनाव की हलचल शुरू हो गई है। आम चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ में भाजपा ने अपनी तैयारी प्रारंभ कर दी है। वहीं कांग्रेस पार्टी में भी बैठकों की दौर जारी है। भाजपा ने सभी 11 लोकसभा क्षेत्रो में प्रभारीयों की नियुक्ति कर दी है। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां की जिम्मेदारी रायपुर ग्रामीण विधानसभा के विधायक मोतीलाल साहू को दी है। उन्हें लोकसभा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है श्रीमती भावना बोहरा सह प्रभारी शंकर लाल अग्रवाल को संयोजक और पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय को सह संयोजक बनाया गया है। बता दे कि मोतीलाल साहू छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के दो बार अध्यक्ष रहे चुके हैं ।तथा पूर्व में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस नाते उनका महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में अच्छी पकड़ है लोगों के साथ अच्छा संबंध है भारी तादाद में उनके समर्थक हैं।   उनके इस राजनीतिक एवं सामाजिक संबंधों का लाभ भाजपा को मिल सकता है। वही साहू समाज को साधने में भी आसानी होगी। सामाजिक और राजनीतिक रूप से महासमुंद क्षेत्र से उनकी अच्छी पकड़ है जिससे सामाजिक समीकरण बनाने के लिए राह आसान हो सकता है । भाजपा ने लोकसभा चुनाव के अपने संभावित प्रत्याशियों को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले ज्यादा सीट जीत सके इसके लिए संभावित उम्मीदवारों के अलावा लोकसभा सीटों की स्क्रीनिंग कर रही है और पार्टी इस काम में लग गई है। लोकसभा मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारी की बैठक हो रही है इस बार राज्य के राजनीतिक जरूरत के हिसाब से प्रत्याशी तय हो सकते हैं क्योंकि जाति जनगणना और समुदाय आरक्षण की मांग के सियासी समीकरण नए मोड़ ले रहे हैं ।साहू समाज के साथ साथ आम मतदाता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से नए चेहरे की मांग कर रहे हैं । राजिम गरियाबंद धमतरी महासमुंद जैसे क्षेत्रों में  साहू समाज के बडे पदाधिकारी जो भाजपा नेता भी है इस सीट से दावेदारी कर जोरआजमाइश कर रहे हैं।टिकट पाने की जुगाड़ में पार्टी के बड़े नेताओं से मिल रहे हैं।साहू समाज से दर्जनों लोग

 काफी सक्रिय दिख रहे हैं ।यहां की जनता चाहती है कि इस क्षेत्र से एक बार फिर साहू समाज से नए चेहरे को मैदान में उतारा जाए ।इधर भाजपा के सीनियर नेताओं की माने तो जाति जनगणना की मांग के चलते सीटों की जाति समीकरण आने वाले दिनों में प्रभावित हो सकते हैं।लोकसभा क्षेत्रो में जिस जाती की संख्या ज्यादा वहां उसी जाति वर्ग से का प्रत्याशी मैदान में उतार सकते हैं महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में साहू समाज की बहुलता होने के कारण यहां समाज के प्रत्याशी को मैदान में उतारने  की बात कही जा रही है। पिछले तीन चुनावों में साहू समाज की निर्णायक वोट के चलते यहां के भाजपा प्रत्याशी देश के महापंचायत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो पूरे लोकसभा में पिछड़ा वर्ग की बहुलता है जिसमें साहू समाज के मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है विगत कुछ वर्षों से यह सीट साहू समाज के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हो गया है ।और राजनीतिक दांवपेच का भी केंद्र बन गया है। इस लोकसभा क्षेत्र में साहू समाज के संगठन बहुत ही सक्रिय एवं संगठित है। मोदी एवं शाह के चौंकाने वाले निर्णय से यहां की जनता के जुबान पर चर्चा है कि इस बार महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से नया चेहरा सामने होगा और सिर्फ साहू समाज ही नहीं बल्कि आम मतदाताओं की  जुबान में चर्चा हो  रही है कि महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से इस बार नए चेहरे को मौका दिया जाना चाहिए ।और नए चेहरा ही महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा की नैया पार लगा सकती है।  देश के प्रधानमंत्री मोदी जी गृहमंत्री शाह के निर्णय साफ संकेत देते रहे हैं की पार्टी में वंशवाद परिवारवाद बड़े चेहरे की जगह समर्पित मेहनती एवं जनता से जुड़े कार्यकर्ता को  अवसर दिया जा सकता है। इस कारण पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकर्ता के मन में पार्टी के प्रति समर्पित रहने वालों की हौसला बढ़ जाता है। इस दृष्टि से महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की बात की जाए तो 2019 की भांति 2024 में भी अगर भाजपा प्रयोग करती है तो लोकसभा क्षेत्र के किसी आम भाजपा कार्यकर्ता के अरमानों में पंख लगा सकता हैं ।महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सभी आठ विधानसभा में पिछड़ा वर्ग की बहुलता से इनकार नहीं किया जा सकता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की मतदाताओं की संख्या ज्यादा है और पिछड़ा वर्ग में साहू समाज की मतदाताओं की बहुलता है। क्षेत्र में चल रही राजनीतिक चर्चा साहू समाज केंद्र बिंदु में है। वैसे तो महासमुंद  लोकसभा क्षेत्र  राजनीति के बड़े-बड़े  चेहरों से शुमार है ।ऐसे में अगर किसी आम कार्यकर्ता को भारतीय जनता पार्टी अवसर देती है तो निश्चित ही उनकी जीत  हो सकता है।भाजपा को कामयाबी मिल सकती है।

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